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रविवार, १ एप्रिल, २०१८

बचतगुट निधी के साथ ग्रामविकास के नौ लाख का निधी डकारने वाले अपराधी सहीसलामत

तहसील कृषी अधिकारि ने दि शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया ठंडबस्ते में
हिमायतनगर - यहां के तहसील कृषी कार्यालय के तहत, सरकार ने बड़े पैमाने पर धन मुहैया कराया था, लेकिन यहां ​​लाखों रुपये के निधी का निर्माण कार्य फर्जी तरिके से होणे के कई शिकायतें सामने आईं है। पाणलोट के अंतर्गत ग्रामीण स्वयंसहाय्यता बचतगुट समूह के लिए धन मुहैया हो गया था, जबकि दस से बारा गांवों को तारीख 15 मार्च 2018 तक वितरित नहीं किया गया। एक करोड के करीब कि राशी  जस को तस रहणे के बाद भी कृषी विभाग के वरीष्टों ने किसी को भी दोषी न मानते खुला छोड देणे से हिमायतनगर शहर की बचत समूह के लिये उपलबध 08 लाख 38, हजार 712 और गांव विकास के लिये उपलब्ध 92 हजार 800 रुपये ऐसा कुल 09 लाख 31 हजार 112 रुपये बैंक से उठाकर ५ माह का वक्त बितगया है। विशेष रूप से निकाल गये निधी का वितरण किसी भी बचत गुट को लाभान्वित नहीं किया, केवल दोनों के नाम पर चेक का भुगतान करके, शासन को धोखे में रखा गया ऐसा कहते हुए एक व्यक्ती ने तहसील कृषी विभाग के सामने आमरण अनशन कि चेतावणी देते हि... कुंभकर्ण कि निंद से जागे हुए तहसील कृषी अधिकारी ने हिमायतनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत कर रकम का गबन करणेवाले पर मामला दर्ज करणे कि दरखास्त दि है। इस शिकायत को पंधरा दिन का समय हुआ.. किंतु पुलिस प्रशासन द्वारा मामले में अबतक कोई भी कारवाई नं करते प्रक्रिया ठंडबस्ते में रखे जाणेसे पुलिस व कृषी अधिकारी के कारोबार पर विकासप्रेमी नागरिक द्वारा संदेह जताया जा रहा है।

हिमायतनगर के तहसील कृषी कार्यालय अंतर्गत कार्यरत हिमायतनगर शहर के पानलोट समिति सण 2011- 2012 में गठित कि गई थी, ईनके अंडर में एकात्मिक पाणलोट क्षेत्र विकास प्रबंधन कार्यक्रम के तहत पानलोट समिति के खाते में स्वयं सहायता समूह को वितरित करने के लिये 13 लाख 50 हजार रुपये का निधि दिया गया था। निधि का लाभ बचतगुट समूहों को लाभान्वित न करते कोई भी सरकारी परमिशन लिये बिना व्यक्तिगत या जल, मृदसंधारण की वास्तविक काम न करते तत्कालीन तालुका कृषी अधिकारी दावलबाजे, मंडल अधिकारी तथा प्रभारी तालुका कृषि अधिकारी दिलीप जाधव, कृषी पर्यवेक्षक और पथक प्रमुख लखमोड, कृषी सहायक, सचिव अभिषेक लुटे और लिपीक के संगनमत से सरकारी आदेश को कुडेदान दिखाते हुए समिति के जॉईंट खाते से तारीख 16 अक्तूबर 2017 रोज सोलापुर के ठेकेदार सुवार्तिक रत्नाकर नाईक इन्हे चेक क्रमांक 003056 द्वारा 4 लक्ष 84 हजार 920 रुपये और तारीख 16 अक्तूबर 2017 रोजी हिमायतनगर के ठेकेदार माधव गोविंद गायकवाड ने चेक क्रमांक 003058 के तहेत 4 लक्ष 4 हजार 920 रुपये कि राशी निकाली है। इससे पहले पाणलोट विकास निधि डब्लूडीएफ के तहत आनेवाले गांव विकास निधि 92 हजार रुपये कि राशी समिति के खाते में से दि गई है। इस निधि को उठाने के लिए जिलाधिकारी, ग्रामपंचायत की मान्यता लई बिना किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य किये बिनाही रकम डकारी गई है। शासन की पत्रिका के अनुसार पानलोट समिति का अर्थ लेन-देन बैंकिंग के पीएफएमएस सिस्टम द्वारा करणा जरुरी होते हुए भी पानलोट समिति के सचिव, कृषी के पर्यवेक्षक और समिती प्रमुख ने संयुक्त हस्ताक्षर के चेक देकर सरकारी रकम का अपहार किया है। इतनी बडी राशी का कारोबार महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक शाखा हिमायतनगर में स्थित समिति खाता नंबर 0008134543 के धनादेश द्वारा रकम उठाई गई है। विशेष रूप से तत्कालिन ग्रामपंचायत तारीख 29 जून 2015 रोज बर्खास्त होणे से तारीख 30 जून 2015 से नगरपंचायत आमल में आई है। जब कि उपविभागीय कृषी अधिकारी किनवट, तहसील कृषी अधिकारी, मंडल कृषी अधिकारी तथा प्रभारी कृषी अधिकारी, कृषी पर्यवेक्षक तथा दल के प्रमुख लिपिक, कृषी सहायक ने पाललोट समिति बर्खास्त करने के बारे में वरीष्ठ कार्यकाल को पत्रव्यवहार नहीं किया। या समिति बर्खास्त नहीं कि, कारणावश हिमायतनगर में प्राप्त हुए धन के हेराफेरी करने के बारे में जानकारी वरिष्ठ अधिकारीयो को विद्यमान प्रभारी कृषि अधिकारियों ने उपरतक नही पौंचाई क्या ..? इस प्रश्न कि शहर में जोरकष के साथ चर्चा हो रही है।

सभी प्रकार को ध्यान में रखकर वरीष्ठ अधिकारी द्वारा दोषी अधिकारी, कर्मचारी, सचिवपर पुलिस में कार्यवाही कर मामला दर्ज करें... अन्यथा ता. 26 मार्च से आमरण उपोषण करणे कि चेतावणी  जिलाधिकारी को सौम्पे गये ज्ञापन द्वारा एक व्यक्ती ने दि थी। उसपर जिलाधिकारी ने तारीख 07 मार्च 2018 को जिला कृषी अधिक्षकों को तत्काल पत्र देकर विस्तृत विवरण और नियम के अनुसार तुरंत कार्यवाही करें। और इस कार्यवाही के बारे में संबंधितो को जानकारी देकर तहसील कृषी कार्यालय हिमायतनगर में शुरु होनेवाले आमरण अनशन से तत्काल परामर्श कर उसका ब्युरो भेजने के आदेश दिये गये थे। जिलाधिकारी और शिकायतकर्ता के दरखास्त को ध्यान में रखकर पुलिस स्टेशन में हिमायतनगर के प्रभारी तहसील कृषी अधिकारीने 09 लाख 31 हजार 112 रुपया का अपहार करने कि शीकायत देकर पंद्रह दिन का समय समाप्त हो गया है। फिर भी दि.31 मार्च के दोपहर तक कोई भी मामला दर्ज नहीं किया गया। शिकायतकर्ता प्रभारी तहसील कृषी अधिकारी पुलिस स्टेशन को शिकायत देकर अपने पर आनेवाले हेराफेरी मामले से बाहेर निकलने का प्रयास किया है। इस संबंध में पुलिस निरीक्षक विठ्ठल चौव्हाण ने कहा कि, जांच शुरू की गई है। पूछताछ के बाद मामला दर्ज होगा..? इस मामले को देखणे के बाद सरकार द्वारा प्राप्त हुई नौ लक्ष कि राशी के अपहार होने कि दरखास्त देणे के बाद सरकारी निधी का गबन करेनेवालो पर मामला दर्ज होणे में विलंब क्यू किया जा रहा....? इस मामले कि चर्चा जोरशोर में होणे से किये गये अपहार मामले को सुधारने के लिए तो तहसील कृषी विभाग द्वारा कोई चाल चलाई तो नही जा रही..? ऐसी चर्चा आम जनता में हो रही है।
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