NEWS FLASH मराठा आरक्षण आंदोलन में नांदेड जिले का २४ लाख २५ हजार का हुवा नुकसान, आंदोलन में द्वेषभावना से कार्यरत आदोलंकारियो को ढुंढाने का काम सुरू - नांदेड पुलिस अधीक्षक संजय जाधव ..., **

बुधवार, ६ डिसेंबर, २०१७

पोटे के मेले में चालये जानेवाले अवैद्य धंदे बंद करें - नागरिको कि मांग

हिमायतनगर (अनिल मादसवार) तहसील के ग्राम पोटा बु.में संपन्न होनेवाले दत्तप्रभू का मेला उत्सव  आज से शुरु हो रहा है/ किंतु पिछले कई वर्षों से, इस मेले में अवैद्य शराब कि बिक्री, जुआ अड्डा, गुटखा और आकडे के गेम जैसे धंदे जारी रहने से इसका बुरा असर युवा वर्गोपर पड रहा है/ कारणवश त्योहार में दर्शन व खरीददारी के लिया आनेवाली महिला, एवं बालिकाओ को शराबियो के साथ टपोरियो का सामना करणे कि नौबत आई है/ इस प्रकार को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मेले में होनेवाले गोरखधंदे कि नकेल कसकर शांती एवं सुव्यस्था कायम रखने कि मांग जागरूक नागरिको द्वारा कि जा रही हैं।

तहसील के ग्राम पोटा में भगवान दत्तात्रेय त्योहार की तीर्थयात्रा हर साल की तरह, इस साल भी गुरुवार दि.०७ दिसंबर से शुरू हो रही है। प्रथम भगवान दत्तात्रेय कि पालखी शोभा यात्रा निकालकर मेले कि शुरूवात कि जानेवाली है/ तारीख ०८ रोज कुश्तीयों कि दंगल, तारीख ०९ रोज भाव कब्बड्डी खेल प्रतियोगिता होकर जितने वाले को बक्षीश का वितरण कर समापन किया जानेवाला है/ शुरू हो रही है। हालांकि, विगत कुछ सालो से इस यात्रा में, दर्शनार्थी महिला - पुरुष भक्तों को शराबी और व्यसनी लोगो का सामना करना पड रहा है। इससे दिन - ब - दिन तीर्थयात्रा के मेले का महत्व कम होता दिखाई दे रहा है/ इस यात्रा में, विभिन्न खेलों, मिठाई की दुकानों और कई अन्य साहित्यो कि दुकांनो समेत विद्यार्थीयो के लिये मौत का कुवा, घोड़े की गाड़ी आदि के साथ-साथ विभिन्न दुकानों में महिलाओं के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध होती हैं। इस परिसर के ईलाके में यह यात्रा अधिक माईने रखणे से मेले में कबडी प्रतियोगिता, कुश्ती में दंगल देखणे के खातीर जिले में से खेल प्रेमियों कि मौजूदजि होती हैं। क्यूकि यह मेला इस ईलाके में सबसे बड़ी तीर्थयात्रा मानी जाती है, सभी जाति धर्म के लोगों, आसपास के बंजारा भाइयों सहित, यात्रा में शामिल होकर उत्सव का आनंद लेते हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से मेले में रिश्वतखोर पुलिस व नंबर दो के धंदे करणे वालो के कारण देश शराब की बिक्री, जुए के अड्डे, गुटखा बिक्री आदी समेत अन्य गोरखधंदे के दुकानों की संख्या बढ रही है। मेले में हजारो कि तादाद में लोग पारंपरिक तरीके से मनाई जानेवाले दत्तात्रेय जयंती यात्रा में दाखल होते है/ यह मेला हर्षोल्हास एवं शांतिपूर्ण ढंग से समापन होने के लिये यात्रा में चलाये जानेवाले अवैद्य धंदे बंद करणे कि जरुरत है, ऐसी प्रतिक्रीयाये नागरिकों कि बातो से सामने आ रही है तभी तीर्थयात्रा कि पवित्रता कायम रहेगी और सभी को मेले का आनन्द लेणे में आसनी होगी/ 
टिप्पणी पोस्ट करा